डूबते बैंकों को बचाने के लिए लोगों का पैसा बैंकों में जमा करवाने का नया फर्मूला आया।

सरकार के इस कदम से न कालाधन ख़त्म होगा और न ही भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी।
नकली नॉट का कारोबार भी बंद नहीं होगा।
मित्रो,
असली खेल ऐसा है।
बैंकों का 141 हजार करोड़ रूपये पूँजीपति ले डूबे। बैंक डूबने लगे।
वित्तमंत्री ने कुछ बैंकों को आपस में विलय करने को कहा लेकिन फार्मूला काम नही आया।
डूबते बैंकों को बचाने के लिए लोगों का पैसा बैंकों में जमा करवाने का नया फर्मूला आया। इसके लिए जनधन योजना के तहत पहले करोड़ो बैंक एकाउंट खोलवाया गया,
फिर कालाधन को रोकने के नाम पर 500 और 1000 के नोट पर पाबंदी।
अब डर से लोग अपना सब पैसा बैंकों में जमा कर देंगे।
बैंक डूबने से बच जायेंगे और उद्योगपतियों को फिर से सस्ते दर पर लोन मिलेगा
तथा कालाधन पर कार्रवाई के नाम पर मोदी जी को वोट।
क्या मास्टर स्ट्रोक खेला है!
मोदी जी के खेल में उद्योगपतियों को हमेशा ही फायदा होता है।

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