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Shayari part 3

1. दीवाने तेरे हैं, इस बात से इनकार नहीं; कैसे कहें कि हमें आपसे प्यार नहीं; कुछ तो कसूर है आपकी निगाहों का; हम अकेले तो गुनेहगार नहीं। 2. नज़र चाहती है दीदार करना; दिल चाहता है प्या...

Shayari part 105

1. दीवाने तेरे हैं, इस बात से इनकार नहीं; कैसे कहें कि हमें आपसे प्यार नहीं; कुछ तो कसूर है आपकी निगाहों का; हम अकेले तो गुनेहगार नहीं। 2. नज़र चाहती है दीदार करना; दिल चाहता है प्यार करना; क्या बतायें इस दिल का आलम; नसीब में लिखा है इंतजार करना! 3. उल्फत में अक्सर ऐसा होता है; आँखे हंसती हैं और दिल रोता है; मानते हो तुम जिसे मंजिल अपनी; हमसफर उनका कोई और होता है! 4. हम तो तेरे दिल की महफ़िल सजाने आए थे; तेरी कसम तुझे अपना बनाने आए थे; किस बात की सजा दी तुने हमको बेवफा; हम तो तेरे दर्द को अपना बनाने आए थे। 5. किसी ने इक नाराज शख्स से पूछा की गुस्सा क्या है, उस शख्स ने बहुत खुबसूरत जवाब दिया, दूसरे की गलती की सजा खुद को देना.. 6. बरसो की चाहत को बदलते देखा हैं.. चाहने वालो को मुकरते देखा हैं.. कैसे सजाऐं मुहब्बत का जहाँ, हर सपने को टुट के बिखरते देखा है.. 7. कुछ देर तेरे साथ चलना बाकी है। शमसान मैं जलता छोड़ कर मत जाना, वरना रूह कहेगी कि रुक जा, अभी तेरे यार का दिल जलना बाकी है। 8. जब भी मिलेगी वो मुझे सालों के बाद जैसे हक़ीक़त मिलेगी मुझे ख़यालों के बाद मैं पूंछूगा उससे ख़तायें अपनी, वो ...

Shayari part 17

part 1 1. दीवाने तेरे हैं, इस बात से इनकार नहीं; कैसे कहें कि हमें आपसे प्यार नहीं; कुछ तो कसूर है आपकी निगाहों का; हम अकेले तो गुनेहगार नहीं। 2. नज़र चाहती है दीदार करना; दिल चाहता है प्यार करना; क्या बतायें इस दिल का आलम; नसीब में लिखा है इंतजार करना! 3. उल्फत में अक्सर ऐसा होता है; आँखे हंसती हैं और दिल रोता है; मानते हो तुम जिसे मंजिल अपनी; हमसफर उनका कोई और होता है! 4. हम तो तेरे दिल की महफ़िल सजाने आए थे; तेरी कसम तुझे अपना बनाने आए थे; किस बात की सजा दी तुने हमको बेवफा; हम तो तेरे दर्द को अपना बनाने आए थे। 5. किसी ने इक नाराज शख्स से पूछा की गुस्सा क्या है, उस शख्स ने बहुत खुबसूरत जवाब दिया, दूसरे की गलती की सजा खुद को देना.. 6. बरसो की चाहत को बदलते देखा हैं.. चाहने वालो को मुकरते देखा हैं.. कैसे सजाऐं मुहब्बत का जहाँ, हर सपने को टुट के बिखरते देखा है.. 7. कुछ देर तेरे साथ चलना बाकी है। शमसान मैं जलता छोड़ कर मत जाना, वरना रूह कहेगी कि रुक जा, अभी तेरे यार का दिल जलना बाकी है। 8. जब भी मिलेगी वो मुझे सालों के बाद जैसे हक़ीक़त मिलेगी मुझे ख़यालों के बाद मैं पूंछूगा उससे ख़तायें अप...

Shayari part 93

1. दिल में है जो दर्द वो दर्द किसे बताएं! हंसते हुए ये ज़ख्म किसे दिखाएँ! कहती है ये दुनिया हमे खुश नसीब! मगर इस नसीब की दास्ताँ किसे बताएं! 2. दिल के टूटने से नही होती है आवाज़! आंसू के ...

Shayari part 88

1. तेरी महफ़िल से उठे तो किसी को खबर तक ना थी, तेरा मुड़-मुड़कर देखना हमें बदनाम कर गया। 2. मैं फिर से, ठीक तेरे जैसे की तलाश में हूँ.. गलती कर रहा हू लेकिन होशोहवास में हूँ 3. जब हो थोड़...

Shayari Part 85

1. कोई तीर जैसे जिगर के पार हुआ है जाने क्यों दिल इतना बेक़रार हुआ है पहले कभी देखा न मैंने तुम्हें फिर भी क्यों ऐ अजनबी इस कदर तुमसे प्यार हुआ हैं 2. किस्मत वालों को ही मिलती है पन...

Shayari Part.60

1. मौत मांगना एक गुनाह है जालीम .. अगर तुझे मरने का शौक ही है, तो आ तुझे इश्क की तालीम दू !! 2. ये पतंग भी बिल्कुल तुम्हारी तरह निकली जरा सी हवा क्या लग गई हवा में उडने लगी. 3. कुछ रूठे हुए ल...

Shayari Part.56

1. "आँखों से आंसू न निकले तो दर्द बड जाता है, उसके साथ बिताया हुआ हर पल याद आता है, शायद वो हमें अभी तक भूल गए होंगे, मगर अभी भी उसका चेहरा सपनो में नज़र आता है." 2. "आप  बेवफा  होंगे  सोच...

Shayari Part.43

1. टूटे हुए प्याले में जाम नहीं आता इश्क़ में मरीज को आराम नहीं आता ऐ बेवफा दिल तोड़ने से पहले ये सोच तो लिया होता की टुटा हुआ दिल किसी के काम नहीं आता 2. “जाम पे जाम पीनेसे क्या फायद...

Shayari Part.42

1. जिंदगी जख्मो से भरी हैं वक़्त को मरहम बनाना सीख लो, हारना तो मौत के सामने हैं फिलहाल जिंदगी से जीतना सीख लो… 2. भगवान का दिया कभी अल्प नहीं होता, जो टूट जाये वो संकल्प नहीं होता, ह...

Shayari Part.41

1. आवारगी छोड़ दी हमने तो लोग भूलने लगे है वरना, . . . . शोहरत कदम चूमती थी जब हम बदनाम हुआ करते थे….!!! 2. जहाँ पे फूल खिलने थे, वही खिलते तो अच्छा था, तुम्ही को हमने चाहा था, तुम्ही मिलते तो अच...

Shayari Part.40

1. माना के किस्मत पे मेरा कोई ज़ोर नही… पर ये सच है के मोहब्बत मेरी कमज़ोर नही, उस के दिल मे, उसकी यादो मे कोई और है लेकिन, मेरी हर साँस में उसके सिवा कोई और नही.. 2. मोहब्बत का नतीजा, दुन...

Shayari Part.37

1. मुझको रुलाकर , दिल उसका भी रोया तो होगा चेहरा आसुओ से उसने भी धोया तो होगा अगर न किया हासिल हमने प्यार मे कुछ न कुछ उसने भी खोया तो होगा । 2. पूछा जो हमने किसी और के होने लगे हो क्या...

Shayari Part.34

1. आएंगे हम याद तुम्हे एक बार फिर से.. जब तेरे अपने फ़ैसले तुझे सताने लगेंगे... 2. सोचा याद न करके थोड़ा तड़पाऊं उनको... किसी और का नाम लेकर जलाऊं उनको... पर चोट लगेगी उनको तो दर्द मुझको ही ...

Shayari Part.33

1. मुझको ढुँढ लेता है रोज किसी बहाने से, दर्द वाकिफ हो गया हैँ मेरे हर ठिकाने से...। 2. जाता हुआ मौसम लौटकर आया है, काश वो भी कोशिश करके देखें…! 3. मैंने जिन्दगी से पूछा.. सबको इतना दर्द क...

Shayari Part.31

1. क़भी चुपके से मुस्कुरा कर देखना, दिल पर लगे पहरे हटा कर देख़ना, ये ज़िन्दग़ी तेरी खिलखिला उठेगी, ख़ुद पर कुछ लम्हें लुटा कर देखना. 2. जब भी देखता हूँ .. किसी गरीब को हँसते हुए .. तो य...