क्या मौजूदा 500 और 1000 की करंसी रद करने से ब्लेक करंसी की समस्याओं खत्म हो जाऐंगी ?

ये बात सबको अच्छी तरह मालुम है की ज्यादातर ब्लेक मनी का ईंनवेसट रियल एस्टेट , गोल्ड,सिल्वर और डायमंड में होता है
नकद में तो केवल 10% मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों के रोजिंदा इस्तेमाल में होता है
इसलिए सरकार के इस निर्णय से तकलीफ सिर्फ मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों को ही होगी
जो अब अपना समय बेंकों के चक्कर काटने में बर्बाद करेंगे
और जो ब्लेक मनी के असली जिम्मेदार है
उनको तो कोई परेशानी नहीं होने वाली एक तरह से देखा जाए तो बडी मछलियों को बचाकर छोटी मछलियों को दबाने जैसा हाल है
और दो दिन बैंकों बंद करना और एटीएम से पैसे निकालने पर अंकुश लगाने का निर्णय से सिर्फ छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्ग की तकलीफे बढा सकता है
इससे ब्लेक मनी के असली सौदागरों को कोई तकलीफ नहीं होनेवाली
और फिर 1000 की नोट रद करके 2000 की नई नोट उपलब्ध कराना समझ नहीं आ रहा है

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